Mona Lisa sabse mahgi Painting की कहानी | Leonardo Da Vinci | Most Valuable Portrait Painting | History
दोस्तों दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते है जो अपना नाम अपने सुन्दर काम के जरिये कर जाते है। और उनका काम उनको दुनिया में पहचान दिलाता ही है साथ ही उनको हमेसा के लिए अमर कर जाते है।
किसी ने सच ही कहा है की कलाकार मर सकता है मगर कला नहीं। आज हमलोग जिनके बारे में जानने जा रहे है, उनकी बारे में चर्चा सेकड़ो सालो बाद आज भी की जाती है। और आप खुद ही अंदाजा लगा सकते है की सेकड़ो साल पहले बानी पेंटिंग की तारीफ आज भी होती है तो उस पेंटिंग में कोई खास बात तो जरूर होगी।
जी हाँ दोस्तों हम लेओनार्दो डा विन्ची ( Leonardo Da Vinc) की मशहूर पेंटिंग मोना लिसा (Mona Lisa) के बारे में ही बात कर रहे है जो की हाफ लेंथ पोर्ट्रेट पेंटिंग है। जो दुनिया में सब से ज्याद बार देखा गया है औऱ जिस पर साबसे ज्यादा बार चर्च हुई है।
आपको जान के सायद हैरानी होगी की ये पेंटिंग दुनिया का सबसे ज्यादा महगी (most valuable) पेंटिंग है और इसकी कीमत आज के दिन में इस की कीमत 700 million USA डॉलर के अस पास अत है।
दोस्तों जैसा की आपको हमने पहले ही बताया की इस पेंटिंग को लेओनार्दो डा विन्ची नाम के आर्टिस्ट ने बनाया था
लेओनार्दो डा विन्ची का जन्म १४ अप्रैल १४५२ को इटली के विन्ची (vinci) सहर में हुआ था। उन्होंने अपने जीबन कल में The last supper, Salvator mundi,Vitruvian man,Lady with a ermine etc.. जैसी बहुत सी पेंटिंग बनाई है ,लेकिन सब से सबसे ज्यादा लोकप्रिय मोना लिसा है
उस ने इस पेंटिंग पे कब से काम सुरु किया इसमें सभी लोगो का मानना अलग अलग है। जैसे कुछ लोग का मानना है की विन्ची ने इस पेंटिंग पर काम 1503 में सुरु किया था जो की 3 साल बाद 1506 में खत्म हुई। तो
कुछ लोगो का मानना है की इस पेंटिंग का काम 1513 में सुरु किया गया था जो की 1519 में जब विन्ची की मृत्यु (dead ) हुई तो भी ये पेंटिंग पूरी नहीं हुई थी
इस पेंटिंग में जो महिला है उनका नाम लिसा घेरार्दिनी (lisa gherardini )है। जो की एक कपड़ा ब्यापारी फ्रांसेस्को देल गोलकोंडो (francesco del golconodo ) की पत्नी (wife ) थी। यहाँ पेंटिंग फ्रांसेस्को देल ने अपनी दूसरे बचे की आने की खुसी में बनबाया था। जिसको विन्ची ने बनाया था।
इस पेंटिंग की लोकप्रियता का सबसे बरा बजहा इस की बनाबट है । यह पेंटिंग हर डिसा (angel ) से अलग दीखता है, और सबसे बड़ी बजहा है इसकी मुस्कान (smile) है लेकिन इनकी आंखे (eyes) उदास है। कुछ लोगो का कहना है की लिसा (lisa) प्रेगनेन्ट थी इस लिए उनका चहरे का एक्सप्रेशन (exapresion) कुछ ऐसा था।
हाला की दोस्तों पेंटिंग को लेकर बहुत सरे बिबाद भी है कुछ लोग यह मानते है ,विन्ची ने यह पेंटिंग खुद की बनाई थी। कुछ लोगो का तो ये भी खाना था की उन्होंने इस पेंटिंग में अपनी माँ की तस्बीर बनायीं थी। लेकिन सब से ज्यादा मत lisa को मिली थी। और यह बात का साबुत तब और भी पुख्ता (prove)हो जाता है , जब पता चलता है की उस समय औरतों को Eyebro रखना मन था,और पेंटिंग में भी eyebro नहीं है जैसा की अप्प देख सकते है।
इस पेंटिंग को सुरु से अलग अलग जगह पे रखने के बाद १७५७ (1757) में इसे फ्रांस (France) के लौवर म्यूजियम (louvre museum) में रखा गया है। हलाकि यह पेंटिंग 19 Augest 1911 को म्यूजियम से चोरी हो गई थी। जिसने इसे चुराया था उसे 2 साल बाद तब पकड़ लिया गया जब उसने इस पेंटिंग को बेचने की कोसिस की थी । और इसके मिल जाने के बाद इसे फिर से म्यूजियम में ही रख दिया गया। लेकिन 1956 को एक आदमी ने उस पर तेजाब पेंक नुकसान पहुंचने की कोसिस की। इसके बाद से इस पेंटिंग सुरछा लिए बुलेट प्रूफ ग्लास लगाया गया।
2014 में लौवर म्यूजियम (louver meseum ) में करीब 93 लाख (9.3 million ) लोग आया जिसमे से ८० % (80%) लोग सिर्फ मोनालिसा की तस्बीर देखने अये थे। दोस्तों मोनालिसा पेंटिंग की बहुत सी डुबलीकेट तस्बीर भी है जो दुनिया के बहुत से हिसे में रखे हुंए है।
उम्मीद करते की दुनिया की सबसे महगी पेंटिंग मोनालिसा की कहानी आपको अछि लगी होगी।
हाला की दोस्तों पेंटिंग को लेकर बहुत सरे बिबाद भी है कुछ लोग यह मानते है ,विन्ची ने यह पेंटिंग खुद की बनाई थी। कुछ लोगो का तो ये भी खाना था की उन्होंने इस पेंटिंग में अपनी माँ की तस्बीर बनायीं थी। लेकिन सब से ज्यादा मत lisa को मिली थी। और यह बात का साबुत तब और भी पुख्ता (prove)हो जाता है , जब पता चलता है की उस समय औरतों को Eyebro रखना मन था,और पेंटिंग में भी eyebro नहीं है जैसा की अप्प देख सकते है।इस पेंटिंग को सुरु से अलग अलग जगह पे रखने के बाद १७५७ (1757) में इसे फ्रांस (France) के लौवर म्यूजियम (louvre museum) में रखा गया है। हलाकि यह पेंटिंग 19 Augest 1911 को म्यूजियम से चोरी हो गई थी। जिसने इसे चुराया था उसे 2 साल बाद तब पकड़ लिया गया जब उसने इस पेंटिंग को बेचने की कोसिस की थी । और इसके मिल जाने के बाद इसे फिर से म्यूजियम में ही रख दिया गया। लेकिन 1956 को एक आदमी ने उस पर तेजाब पेंक नुकसान पहुंचने की कोसिस की। इसके बाद से इस पेंटिंग सुरछा लिए बुलेट प्रूफ ग्लास लगाया गया।
2014 में लौवर म्यूजियम (louver meseum ) में करीब 93 लाख (9.3 million ) लोग आया जिसमे से ८० % (80%) लोग सिर्फ मोनालिसा की तस्बीर देखने अये थे। दोस्तों मोनालिसा पेंटिंग की बहुत सी डुबलीकेट तस्बीर भी है जो दुनिया के बहुत से हिसे में रखे हुंए है।
उम्मीद करते की दुनिया की सबसे महगी पेंटिंग मोनालिसा की कहानी आपको अछि लगी होगी।
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पढ़ने के लिए धन्यबाद
आपका छोटा भाई
😊😊😊
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