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Wednesday, 19 September 2018

रोलेक्स की घड़ियाँ इतनी महंगी क्यों होती है? Why Rolex Watches Are So Expensive

रोलेक्स की घड़ियाँ इतनी महंगी क्यों होती है?



दोस्तों आप  सभी ने तो रोलेक्स (ROLEX) घड़ी  का नाम सुना ही होगा। इसका नाम सुनते ही दिमाग में एक चीज़ आती है और ऊह है मंहगी घड़ी। आप सभी को पता हि होगा की रोलेक्स (ROLEX) घरी की दाम लाखो में है। इस कम्पनी की घड़ी को आम आदमी नहीं खरीद सकता है। जो लोग काफी आमिर (RICH ) होते है वे लोग इस घड़ी को ज्यादातर खरीदते है। लेकिन कई लोग यह सोचते  है की आम (LOCAL) घड़ी भी समय बताती तो रोलेक्स की घड़ी इतनी महगी क्यू होती है। 
दोस्तों  ये सबाल आपके मन में आया होगा की आखिर रोलेक्स की घड़ी इतनी महगी क्यू होती है। आखिर कर  उसमे क्या लगे होते है जो उस घड़ी की कीमत को इतना ज्यादा बढ़ा देती है। अगर आप नहीं जानते की रोलेक्स की घरी इतनी महगी क्यू होती है। तो इसे पूरा पढ़े। 

रोलेक्स की घरी इतनी महगी क्यू होती है ?

 दोस्तों रोलेक्स  घड़िया अपनी खास कारीगरी के लिए जनि जाती है और इन्हे इतने खास तरीके से तैयार किया जाता है की इनकी कीमत लाखो में पहुंच जाती है। 
कंपनी (COMPANY) का दाबा है की रोलेक्स की घड़िया कोई आम घड़ी नहीं है। क्यूकी कंपनी ने घड़ी की प्रोडक्शन (PRODUCTION) के लिए अलग से रिसर्च एंड डेवलोपमेन्ट (R & D ) लैब बनाया है। और इस लैब (LAB)में घड़ियों के ऊपर इतना बारीकी से काम किया जाता है, जैसा की दुनिया में शायद ही कंही होता होगा। ये लैब एक से बार कर एक मशीनों से भरा हुआ है। और इन घड़ियों को खास पेसेबर कारीगरों दूर ही बनाया जाता है। 
बता दे की रोलेक्स मेकेनिकल घड़िया बनाती है। "मेकनिकल घड़ियों का मतलब वे घड़िया जिनमे ज्यादा से ज्यादा मशीनेरी का इस्तेमाल होता है उन घरियो को मेकनिकल घरिया कहते है " 
रोलेक्स कंपनी का कहना है की ऐसी घरिया बनाना आसान नहीं है।  और इस बजह से भी इन  घड़ियों  का कीमत बढ़ जाता है। रोलेक्स कंपनी का दबा है की एक रोलेक्स घरी में इतने बारीक़ (छोटे-छोटे) पार्ट्स (PARTS)जुड़े होते है की इन्हे गिण पाना  भी मुश्किल है। .
इन्हे घड़ियों में लगने बाले धातु (मेटेल) ही इसका दाम बढ़ा देते है। रोलेक्स में इस्तेमाल किये  जाने  बाला मेटल बहुत महगा होता हैं। इनमे 940L स्टील (STEEL)  का प्रयोग होता है। (जबकि  बाजार में मिलने बाले अन्य घड़ियो में 316L स्टील (STEEL) का इस्तेमाल होता है।) और इनके इस्तेमाल से घड़िया मजबूत और चमकदार बनती है। रोलेक्स घड़ी के डायल (DAIL) में सफ़ेद सोना (WIGHT GOLD) का इस्तेमाल की जाता है जो की बहुत महँगा होता है। रोलेक्स घड़ी की खास बात यह भी है की इन्हे बनाने में सोने और चांदी (GOLD AND SILVER) का भी इस्तेमाल होता है। 
इन घड़ियों को स्विज़रलैंड (SWITZERLAND) में बने जाता है। 

रोलेक्स घड़ी के बारे में (ABOUT ROLEX )

इस कंपनी की शुरुवात 1905 में विल्सडोर्फ एंड डेविस (WILSDORF & DAVISS) नाम से सुरु हुई थी। जो बाद में जाकर 1908 में रोलेक्स (ROLEX) बनी। 
ROLEX घड़िया दुनिया के सभी कोने में सही समय दिखने का रिकॉर्ड है। रोलेक्स की घड़िया माउंट एवेरेस्ट (MOUNTEVEREST) की छोटी से लेकर समुंदर के निचे के निचे पानी का इतना दबाब होने के बाद भी रोलेक्स की घड़ियों के टाइम में 1 मिनट का भी आगे पीछे नहीं होता है।

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कोई भूल हुई हो  तो छोटा भाई  समझ  के माफ़ कर देना और कमेंट में जरूर बताना की गलति कहा  हुई है.


पढ़ने के लिए धन्यबाद 
                                                                                                                                    आपका छोटा भाई 
                                                                                                                                           😊😊😊



1 comment:

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